कोइ दिखें अज़नबी

 शहर में तुम्हारे 

 लग के गले उसके

 सारे गम भुला देना 

 अपने दिल में उसे 

थोड़ी सी जगह

 उसे भी दे देना 

 वो टुटा होगा 

तभी सारे बंधन

 तोड़ आया होगा 

अपना पुराना घर 

अपना साया 

छोड़ आया होगा

 लूटने वाले शहर ने

 उसके ईमान को भी

 मजबूर किया होगा 

 तभी वो भागा सा 

 तुम्हारे शहर आया होगा || 

प्रिया मिश्रा :))

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