ऐसा हमेसा ही हुआ है
की .........
मैं कुछ लिखने बैठी हूँ
और अनायाश ही पहले ......
मेरी कलम
तेरी हथेलियों पे
चलने लगी है
कुछ शब्द सिर्फ ....
तेरी हथेलियों में ही
छिपे है शायद
जिन्हे ना तुम कह पाए ...
ना मैं कभी लिख पाई ||
प्रिया मिश्रा :))
24
ऐसा हमेसा ही हुआ है
की .........
मैं कुछ लिखने बैठी हूँ
और अनायाश ही पहले ......
मेरी कलम
तेरी हथेलियों पे
चलने लगी है
कुछ शब्द सिर्फ ....
तेरी हथेलियों में ही
छिपे है शायद
जिन्हे ना तुम कह पाए ...
ना मैं कभी लिख पाई ||
प्रिया मिश्रा :))
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