मैं तुमसे 

तब भी प्रेम करती थी

 जब तुम भीड़ में ग़ुम थे 

 

 मैं तुमसे

 अब भी प्रेम करती हूँ

 जब तुम मेरे साथ हो 

मेरे पास नहीं हो 

 

 मैं तुमसे

 तब भी प्रेम करती रहूंगी .....

 जब तुम मेरे पास रहोगे 

 

 तुम्हारी निश्छल आँखे 

 प्रेम की दरियाँ ...

 इनसे दूर रहके भी प्रेम की ......

 

 बूंदो से बचा नहीं जा सकता || 

प्रिया मिश्रा :))

 

24..... 

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