एक मासूम से 

बच्चे के आंसू होते हैं

 शुद्ध गंगाजल के जैसे

 न गिरने दें इनको ज़मीं पर 

समेट लें इनको 

आपने आँचल में 

और अपनी हथेलियों में

 पवित्रता जमीं पे बिखरी हुई

 अच्छी नहीं लगती 

आ जातीं हैं दरारें

 धरती में 

जब जब रोता है 

एक मासूम सा बच्चा ।। 

 प्रिया मिश्रा :))

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