बाहर अँधेरा घना है
लोग .........घरों में
मशाल जलाये बैठे है
मैं हैरान हूँ ....
टेढ़े पेड़ .......घने खड़े है
सीधे पेड़ .........
मुर्दो की आग में जले पड़े है ...
ये सिलसिला कब तक चलेगा
चिता पर आग है
मुर्दो पे कफ़न है
जीवित लोग
भूखे- नंगे पड़े है ||
प्रिया मिश्रा :))
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